उत्तराखंड में आने के लिए राज्य सरकार ने जारी की एडवाइजरी,rt-pcr की नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी

https://inkpoint.in/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-13-at-17.48.39-1.jpeg

महाराष्ट्र ,केरल, पंजाब ,कर्नाटक ,छत्तीसगढ़ ,मध्य प्रदेश ,तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश ,दिल्ली और राजस्थान से बाय रोड ,हवाई जहाज से आने वाले और ट्रेन से आने वाले लोगों के लिए जारी की एडवाइजरी इन राज्यों से आने वाले लोगों को उत्तराखंड में 72 घंटे पहले rt-pcr की नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी होगी,

हरिद्वार महाकुंभ के लिए 26 फरवरी तारीख को जारी की गई गाड़ी लाइन के मुताबिक ही उत्तराखंड में लोगों को हरिद्वार स्नान के लिए नियमों का पालन करना जरूरी होगा 26 फरवरी को जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक उत्तराखंड में हरिद्वार महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की कोविड- नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी होगी।

गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन act-2005 और महामारी एक्ट 1897 के तहत मुकदमा हो सकता है दर्ज ,इसके साथ ही एडवाइजरी में लिखा है कि 65 साल से ऊपर के लोगों के साथ गर्भवती महिलाएं 10 साल तक के बच्चों के लिए बेहद ज्यादा जरूरी हालात में ही आने जाने की अनुमति दी जाएगी, उत्तराखंड के सभी जिला प्रशासन और जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वह कोविड-19 की टेस्टिंग के लिए एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बस स्टेशन और उत्तराखंड राज्य के सभी बॉर्डर चेक पोस्ट पर इंतजाम करें …जो भी व्यक्ति टेस्टिंग के दौरान पॉजिटिव पाया जाता है तो उसको कोविड-19 लाइन के मुताबिक ट्रीटमेंट दिया जाए। इस गाइडलाइन में साफ लिखा है कि उत्तराखंड में इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट में खासकर आवश्यक सेवाएं, सर्विस और गुड के लिए कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।

26 फरवरी को जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक

कुंभ मेला में आने वालो 72 घंटे पहलेकी आरटीपीसीआर जांच की नैगेटिव रिपोर्ट लानी होगी । हरिद्वार आने से पहले कुंभ मेला प्रशासन या हरिद्वार पुलिस की वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा, उन्हें कोविड जांच, मेडिकल सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज अपलोड करने होंगे, इसके बाद उन्हें ई पास जारी किया जाएगा।कुंभ मेला क्षेत्र में कहीं भी यात्रियों से ई पास की मांग की जा सकती है। श्रधालुओं को आपस में छह फीट की दूरी और मास्क का प्रयोग करना होगा। विदेश से आने वाले यात्रियों को उनके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से तय गाइडलाइन का पालन करना होगा।
एसओपी का उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा प्रतिबंध सिर्फ कुंभ मेला क्षेत्र में मेला अवधि के दौरान ही लागू होंगे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here