पुलिस के जवानों के पक्ष में हरीश रावत , राज्य सरकार पर खड़े किए सवाल,

उत्तराखंड पुलिस में अब कॉन्स्टेबल को 20 साल की सर्विस करने के बाद 4600 का ग्रेड पे नहीं बल्कि 2800 रुपये का ग्रेड पे ही दिया जाएगा । यानी प्रमोशन नहीं होने पर मिलने वाले ग्रेड पे में भारी कटौती कर दी गई है।इसी ग्रेड पे मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने उत्तराखंड की राज्य सरकार पर हमला किया है और लिखा है कि जिस तरीके से राज्य सरकार ने सब कुछ उल्टा कर दिया है एक तरफा ग्रेड पे में संशोधन कर कॉन्स्टेबल को सिर्फ 2800 ग्रेड पर दिया जाएगा जो बिल्कुल अनुचित है हरीश रावत ने लिखा है कि मैं सामान्यता पुलिस के मामले में टिप्पणी करने से बचता हूं मगर यह एक ऐसा मामला है जिसमें मैं कुछ कहे बिना अपने आप को नहीं रोक सकता हूं हरीश रावत ने राज्य सरकार को कहा है कि एक बार फिर से इस सारे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए

हरीश रावत ने लिखा

इसे कहते हैं बेसुरा राग अलापना। #राजकीय सेवा में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को 3 पदोन्नतियां या आर्थिक संतुष्टि के लिये #ग्रेड_पे दी जाती हैं, उत्तराखंड में भी यही नियम लागू है। छठे और सातवें वेतन आयोग ने #पुलिस के जवानों के प्रमोशन न मिलने पर ग्रेड पे को निर्धारित किया, इसके अनुसार पुलिस के जवान को 30 साल संतोषजनक सेवा करने पर ₹4800 का ग्रेड पे दिया जाना चाहिये। मैं समझता हूंँ बड़ी संख्या में पुलिस के जवान इस आदेश को क्रियान्वित होने की प्रतीक्षा कर रहे होंगे, मगर यहां #राज्य_सरकार ने सब कुछ उल्टा कर दिया है और एक तरफा ग्रेड पे में संशोधन कर उन्हें केवल ₹2800 का ग्रेड पर दिया जाएगा जो अनुचित है। मैं सामान्यतः पुलिस के मामलों में टिप्पणी करने से बचता हूंँ, मगर यह ऐसा प्रसंग है जिसमें मैं कुछ कहे बिना अपने को रोक भी नहीं सकता हूंँ। राज्य सरकार को एक बार फिर से इस सारे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

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