भाजपा सरकार में बिजली में बढ़ोत्तरी, पानी की समस्या , पलायन में बढ़ोतरी  हुई:-गौरव बल्लभ

भाजपा ने बिजली महंगी करने का काम किया था. करती है, पर अब हम नहीं होने देंगे

101 से 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उत्तराखंडवासियों को 4 रू प्रति यूनिट की दर से बिल चुकाना होगा। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वालों को 6.25 रु प्रति यूनिट की दर से बिल चुकाने होंगे। वहीं दूसरी तरफ हमने ये प्रण लिया है कि उत्तराखंडवासियों को प्रथम वर्ष में 200 यूनिट तक बिजली दी जाएगी जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।

भाजपा ने पानी की समस्या बढ़ाने का काम किया था, करती है पर अब हम नहीं होने देंगे

क्या आपने पहले कभी सुना है कि बिन पानी लाइन के नल लग चुका है। उत्तराखंड की तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा सरकार ने उत्तराखंड के तमाम गांवों में ऐसा कर दिखाया है। इन तुगलकी स्कीमों के लिए पानी कब और कहां से आएगा और बिना पेयजल योजना की मंजूरी के पानी कनेक्शन लगाने की जरूरत ही क्या थी? क्या इसका एकमात्र कारण भ्रष्टाचार नहीं था? राज्य में 6.5 लाख घरों में नल लगाए जा चुके हैं पर इनमें से 70-80 फीसदी कनेक्शन ऐसे हैं जहां पानी की योजना तक का पता नहीं है।

भाजपा ने पलायन को मजबूर किया था करती है पर अब हम नहीं होने देंगे

उत्तराखंड के अधिकतर गांव खाली होकर खंडहर बन चुके हैं। 2018 की पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 1734 गांव खाली हो चुके हैं। राज्य में 400-500 गांव ऐसे हैं जिनमें 10 से भी कम लोग रहते हैं। राज्य में 3.5 लाख से ज्यादा घरों में कोई नहीं रहता। पलायन का मुख्य कारण सिर्फ और सिर्फ बेरोजगारी है। जब 2021 में उत्तराखंड में बेरोजगारी देश में सर्वोच्च थी तो एक अनुमान के अनुसार 2500 से ज्यादा गांव अब तक खाली हो चुके होंगे। इसको रोकने के लिए हम ‘चार धाम चार काम उत्तराखंडी स्वाभिमान योजना के अंतर्गत 4 लाख रोजगार का सृजन उत्तराखंड में करेंगे।इसलिए भाजपा ने बिजली में बढ़ोत्तरी, पानी की समस्या में बढ़ोतरी व पलायन में बढ़ोतरी का काम किया है करती है, पर अब हम नहीं होने देंगे।

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