कैसे प्राकृतिक आपदा के सामने आस्था भारी पड़ती दिख रही है।देखिये वीडियो में ।

उत्तराखंड के चमोली जिले में विश्व प्रशिद्ध नंदा लोकजात का आयोजन चल रहा है।14 अगस्त को चमोली के विकासखंड घाट स्थित नंदादेवी के मंदिर सिद्धपीठ कुरुड़ से माँ नंदा की डोली कैलाश के लिए विदा हुई।विभिन्न पड़ावों के दुर्गम और जंगल के रास्तो को पार कर माँ नंदा की डोली 11 दिनों की यात्रा पूरी कर कैलाश पहुंचती है।जंहा नंदासप्तमी के दिन लोकजात सम्पन्न होती है।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है किस तरह आपदा पर आस्था भारी है।यह वीडियो घाट क्षेत्र के कुंड बगड गांव के पास एक नदी का है जंहा पानी उफान पर है लेकिन भक्त किसी तरह जान जोखिम में डाल कर डोली को नदी पार करवा लेते है।

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